Kuch Toh Log Kahenge book

Kuch Toh Log Kahenge by Shivangi Purohit Book Summary in Hindi & PDF Download

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ज़िंदगी में हम सब एक बात बार-बार सुनते हैं — “Log kya kahenge?”
यही डर हमारे कई फैसले रोक देता है। Shivangi Purohit की किताब Kuch Toh Log Kahenge इसी सोच को बदलने के बारे में है। यह किताब आपको बताती है कि लोग तो हमेशा बोलेंगे, लेकिन आपकी खुशियाँ, आपके फैसले और आपकी जर्नी हमेशा आपकी होती है।

इस ब्लॉग में तुमको पूरी किताब का आसान, प्यार भरा और गहराई वाला summary मिलेगा, बिलकुल ऐसे जैसे किसी दोस्त ने समझाया हो 😊
साथ ही नीचे PDF download की जानकारी भी दी है।

किताब के बारे में – एक आसान परिचय

Shivangi Purohit की यह किताब short, sweet और दिल को छू लेने वाली है। यह कोई भारी-भरकम philosophy नहीं है — बल्कि छोटे-छोटे life lessons हैं जो हर उम्र का इंसान समझ सकता है।

किताब का मुख्य संदेश है:
“अपनी ज़िंदगी खुद जीयो। लोग कब चुप हुए हैं, और कब चुप होंगे?”

इसमें examples, real-life situations और छोटी कहानियाँ हैं जो हमें रोज़मर्रा की ज़िंदगी में मिलने वाले judgments, comparisons और expectations को समझने और संभालने में मदद करती हैं।

Kuch Toh Log Kahenge by Shivangi Purohit Book Summary

नीचे पूरी किताब को chapter-wise नहीं, बल्कि ऐसे points में समझाया गया है जो असल में reader पर सबसे ज्यादा असर डालते हैं।

1. लोग हमेशा कुछ न कुछ कहते ही रहेंगे

किताब की पहली और सबसे मजबूत सीख यही है।
आप अच्छा करो — लोग बोलेंगे।
आप कुछ अलग करो — लोग बोलेंगे।
आप चुप भी बैठो — तब भी कोई न कोई बोल ही देगा।

👉 इसलिए अपनी life decisions लोगों की सोच से बाहर जाकर लो।

एक example:
अगर कोई लड़की 25 की उम्र में शादी न करना चाहे या कोई लड़का corporate job छोड़कर अपना business शुरू करे — समाज तुरंत बोलता है।
लेकिन author बोलती हैं —
💬 “जो आपकी ज़िंदगी जीना नहीं जानते, उन्हें उसका फैसला भी नहीं लेने दो।”

2. Comparison की आदत छोड़ो

हमारी society comparison में बहुत expert है —
“देखो Sharma ji ka beta…”
“Usne to 25 tak ye kar liya…”
“Tumhare age me log ye achieve kar lete hain…”

Author कहती हैं कि comparison confidence को मार देता है।
हर इंसान की race अलग होती है।
हर journey की speed अलग होती है।

👉 किताब आपको खुद की journey accept करना सिखाती है।

3. अपनी mental peace की कीमत जानो

कई बार हम सिर्फ लोगों को impress करने के लिए बेमतलब की चीजें करते रहते हैं।
लेकिन author कहती हैं —
“Peace is priceless. इसे किसी की expectations के लिए मत खोओ।”

अगर किसी रिश्ते, दोस्ती या job में लगातार stress है, असंतोष है — उससे बाहर निकलना गलत नहीं है।

किताब पढ़ते हुए आपको महसूस होगा कि आपका मन भी थोड़ा हल्का हो रहा है 😊

4. Self-love कोई luxury नहीं, जरूरत है

Kuch Toh Log Kahenge में self-love को बहुत beautifully समझाया गया है।
ये वो type का self-love नहीं है जो Instagram पर quotes में होता है, बल्कि असली self-love —

✔ खुद को गलतियों के बाद भी माफ कर पाना
✔ खुद पर doubt न करना
✔ अपनी जरूरतों को समझना
✔ अकेले में भी खुश रहना

Author कहती हैं कि जब तक आप खुद को value नहीं करोगे, दुनिया भी आपको value नहीं देगी।

5. अपनी boundaries बनाना सीखो

किताब में बताया है कि boundaries selfishness नहीं होतीं।
हर रिश्ते में limits तय करना जरूरी है—

• किससे कितनी बात करें
• किस हद तक किसी को अपने निर्णयों में allow करें
• कब No कहना जरूरी है

✨ यह book आपको guilt-free “NO” कहना सिखाती है।

6. लोग बदलते नहीं, नज़रिए बदलते हैं

कई लोग सोचते हैं कि अगर वे बदल जाएंगे तो society उन्हें accept कर लेगी।
लेकिन acceptance कभी guaranteed नहीं होती।

किताब कहती है —
👉 “लोगों को बदलना नहीं होता, सिर्फ अपना नज़रिया बदलना होता है।”

आप जैसा बनना चाहते हो — बनो।
बाकी लोग धीरे-धीरे खुद ही adjust हो जाते हैं।

7. आप अपनी story के hero हो

हम अक्सर दूसरों की कहानी में extra बन जाते हैं —
उनके decision से, उनके opinion से, उनकी पसंद से।

इस किताब का सबसे empowering हिस्सा है:
“तुम अपनी life के hero हो। Script भी तुम लिखोगे।”

यह line हर reader को अंदर तक motivate करती है।

8. Breakdowns भी life का हिस्सा हैं

Author openly बताती हैं कि breakdown होना, रोना, थक जाना — ये weakness नहीं हैं।
इंसान होने के सबूत हैं।

किताब सिखाती है कि जब आप टूटते हो तभी आप मजबूत बनते हो।
जैसे पौधा कटने के बाद और ज्यादा फैलता है 🌱

9. Life में choices आपकी हैं — consequences भी

People का opinion केवल noise है।
आपके choices आपके हैं और उनके परिणाम भी।

Examples:

• अगर आपने job बदलने का फैसला लिया — लोग बोलेंगे
• अगर आपने toxic relationship छोड़ दिया — लोग बोलेंगे
• अगर आपने एक अलग career चुना — लोग बोलेंगे

लेकिन अंत में जी आपकी life है।

10. Happiness भी एक decision है

किताब का आखिरी हिस्सा happiness पर है।
Author मानती हैं —

✨ Happiness = Expectations कम + Freedom ज्यादा + खुद से ईमानदारी

आप खुश रहने का फैसला कर सकते हैं, भले लोग आपसे खुश न हों।

इस किताब को क्यों पढ़ें? (Real Benefits)

✔ Mind हल्का हो जाता है
✔ दूसरों के judgement की परवाह कम हो जाती है
✔ Self-confidence बढ़ता है
✔ Decision-making strong होती है
✔ Emotional clarity मिलती है
✔ Peaceful और practical सोच आती है

अगर तुम emotional हो, sensitive हो, या लोगों की बातों से जल्दी hurt हो जाते हो —
यह किताब must-read है।

Kuch Toh Log Kahenge by Shivangi Purohit Book PDF Download in Hindi

इस किताब का PDF online कई जगह available है।
Official platforms पर खरीदी भी जा सकती है।
(Always original copy prefer करें ताकि author को support मिल सके 😊)

FAQs

1. क्या यह किताब beginners पढ़ सकते हैं?
हाँ, यह बहुत simple और आसान भाषा में लिखी गई है। कोई भी पढ़ सकता है।

2. क्या ये केवल motivational book है?
नहीं, इसमें emotional intelligence, self-love और real-life examples भी हैं।

3. क्या यह teenagers के लिए भी useful है?
हाँ, specially students और young adults के लिए ये किताब बहुत helpful है।

4. क्या PDF free में available है?
कई websites पर summary या PDF मिलती है, लेकिन original खरीदना बेहतर है।

5. क्या ये किताब life-changing है?
अगर आप लोगों की बातों से परेशान हो जाते हो — हाँ, यह आपके thinking pattern को बदल सकती है।

Conclusion – आखिरी बात

Kuch Toh Log Kahenge एक ऐसी किताब है जो आप किसी भी मुश्किल वक्त में उठा कर पढ़ सकते हैं।
यह आपको बताती है कि दुनिया को खुश करना impossible है — लेकिन खुद को खुश रखना हमेशा possible है 😊

अगर आपको self-love, confidence और clarity चाहिए, तो यह किताब जरूर पढ़ें।
और अगर summary पसंद आई हो तो बताना — अगली किताब किसकी चाहिए? 📚✨

Thanks for Reading!❤️

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