सूफ़ी संत बुल्ले शाह की यह प्रसिद्ध काफ़ी हमें जीवन की अस्थिरता, अहंकार की निरर्थकता और मानव समानता का गहरा संदेश देती है। “मिट्टी कुदम करंदी यार” केवल एक कविता नहीं, बल्कि अस्तित्व का दार्शनिक उद्घाटन है — जो बताती है कि अंततः सब कुछ मिट्टी है और मिट्टी में ही मिल जाना है।
नीचे कविता को देवनागरी में मूल पंजाबी शब्दों सहित प्रस्तुत किया गया है, उसके बाद सरल हिंदी व्याख्या दी गई है।
🌿 कविता – संत बुल्ले शाह
मिट्टी कुदम करंदी यार,
वाह वाह मिट्टी दा गुलज़ार।
मिट्टी दा बावा बनाइया,
मिट्टी दा सिरजनहार।
मिट्टी दा जिस्म बनाइया,
मिट्टी दा ही आकार।
मिट्टी दा ही सिर ते ताज,
मिट्टी दा ही तख़्तो-ताज।
मिट्टी दा ही राजा रानी,
मिट्टी दा ही शाहनशाह।
मिट्टी दा ही पीर पैगंबर,
मिट्टी दा ही फ़क़ीराँ दा राह।
मिट्टी दा घोड़ा मिट्टी ने जोड़ा,
मिट्टी दा असवार।
मिट्टी दा महल उसारया,
मिट्टी दी ही दीवार।
मिट्टी दा ढोल वजाइया,
मिट्टी दी ही झंकार।
मिट्टी दा दीप जलाइया,
मिट्टी दी ही लौ अपार।
मिट्टी दा खेत उगाइया,
मिट्टी दा ही अन्न भंडार।
मिट्टी दा चर्खा घुमदा,
मिट्टी दा ही व्यापार।
मिट्टी हसदी मिट्टी रोवे,
मिट्टी दा सब संसार।
मिट्टी अंदर मिट्टी बाहर,
मिट्टी दा ही विस्तार।
जम्मे मिट्टी, मरे मिट्टी,
मिट्टी दा व्यवहार।
बुल्ले शाह ए आखे बंदे,
क्यूँ करदा अहंकार?
चार दिनां दा मेला ए,
फिर मिट्टी दी दरकार।
मिट्टी कुदम करंदी यार,
वाह वाह मिट्टी दा गुलज़ार।
🌿 हिंदी में सरल व्याख्या
1️⃣ सब कुछ मिट्टी से बना है
कविता की शुरुआत ही यह बताती है कि यह संसार मिट्टी का खेल है। हमारा शरीर, महल, ताज, सिंहासन — सब मिट्टी से बने हैं।
2️⃣ राजा और फकीर में कोई भेद नहीं
राजा, रानी, शाह, पीर, पैगंबर — सभी मिट्टी से बने हैं। जो व्यक्ति खुद को श्रेष्ठ समझता है, वह सच्चाई को नहीं समझ पाया।
3️⃣ जीवन एक अस्थायी मेला है
“चार दिनां दा मेला ए” — जीवन कुछ दिनों का मेला है। हम आते हैं, भूमिका निभाते हैं, और फिर मिट्टी में मिल जाते हैं।
4️⃣ अहंकार व्यर्थ है
जब अंत में सबको मिट्टी में मिल जाना है, तो पद, धन, प्रतिष्ठा का घमंड क्यों?
5️⃣ गहरा आध्यात्मिक संकेत
यह कविता अद्वैत का संदेश देती है —
- सब एक ही तत्व से बने हैं।
- भेद केवल बाहरी रूप का है।
- सत्य, प्रेम और विनम्रता ही वास्तविक मार्ग है।
🌿 निष्कर्ष
बुल्ले शाह का संदेश सीधा है:
जो मिट्टी से बना है, वह मिट्टी में ही जाएगा।
इसलिए जीवन को प्रेम, विनम्रता और जागरूकता के साथ जियो।
Thanks for Reading! 💖
Recommended Posts
- अगर फिर कभी पूछा जाए by Virendra Sharma Book Summary | Book Review & PDF Download Guide
- The Art of Intentional Living: 101 Lessons from History’s Greatest Minds Book Summary | Book Review & PDF Download Guide
- The Reason Why I Love You by Aditi Thalwal Book Summary | Book Review & PDF Download Guide
- Zindagi Kiya Cheez Hai by Nida Fazli Book Summary | Book Review & PDF Download Guide
- Main Ghoont Ghoont Jise Peeta Hu by Manish Aggrawal Book Summary | Book Review & PDF Download Guide




